जानें, क्या है चिया सीड्स (Chia Seeds)और इसकी खेती का सही तरीका
भारत मे किसान भाई अब समय को देखते हुए अपनी पारंपरिक फसलों कि खेती के साथ साथ अपनी आय बढ़ाने के अवसर खोजने लगे है। अब किसान भाई अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की फसलों कि खोज प्रारंभ कर चुके है। सरकार भी व्यापारिक फसलों की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। इसी कड़ी में आज हम भी ऐसी ही एक व्यापारिक फसल चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती की बात करेंगे। किसान भाई चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। चिया सीड्स जिसे हम एक प्रकार का सुपर फूड मानते है । भारत में सुपर फूड्स (Super Foods) की मांग और खपत में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, साथ ही विदेशी बाजारों में भी चिया सीड्स की मांग भी बढ़ रही हैं। अभी तक चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती सिर्फ विदेशों में की जाती थी, लेकिन सेहत और खेती को देखते हुए अब भारत के कई क्षेत्रों में चिया सीड्स की खेती (Chia Seeds Farming) सफलतापूर्वक की जा रही है और किसान भाई अच्छा मुनाफा ले रहे है।
किसान भाइयों आज हम चिया सीड्स (Chia Seeds) कि खेती से जुड़ी सभी जानकारी आपको बताने जा रहे है जिससे भारत का किसान भी इस व्यापारिक खेती को करके अच्छा लाभ ले सकेगें ।
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चिया सीड्स के औषधीय गुण
चिया सीड्स (Chia Seeds) मे फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं, वजन घटाने में मदद करते हैं, दिल को स्वस्थ रखते हैं, ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं, और हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं। ये त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद हैं और ऊर्जा बढ़ाते हैं।
पाचन में सहायक:
- चिया सीड्स (Chia Seeds) में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है।
- चिया सीड्स (Chia Seeds) मे मौजूद फाइबर पेट भरा होने का एहसास दिलाता है, जिससे अत्यधिक खाने से बचा जा सकता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
- ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर चिया सीड्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
- चिया सीड्स (Chia Seeds) मे मौजूद एंटीऑक्सीडेंट क्वेरसेटिन हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकता है।

चिया सीड्स की खेती करने के लिए उपयुक्त तापमान और मिट्टी (Chia seeds Cultivation Temperature and Soil)
चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती करने के लिए सामान्य तापमान की आवश्यकता होती है, देश के सभी क्षेत्रों में चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती कर सकते है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार चिया सीड्स की खेती किसी भी भूमि में की जा सकती है, लेकिन हल्की भुरभुरी और उचित जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी को इसके अधिक उत्पादन के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा भारी मिट्टी मे भी किसान भाई इसकी खेती कर सकते है सिर्फ किसान भाई को ध्यान रखना होगा की जल भराव नहीं हों । भारी मिट्टी मे चिया सीड्स (Chia Seeds) कि फसल मे 3 से 4 पानी देने कि आवश्यकता होती है और हल्की मिट्टी मे 5-6 पानी देना जरूरी होता है ।
चिया सीड्स के बीजों की बुवाई करने का तरीका (Chia Seeds Sowing)
चिया सीड्स (Chia Seeds) के बीजों की बुवाई खेत में करने के लिए छिड़काव विधि का इस्तेमाल किया जाता है, इसमे चिया सीड्स को रेत या खाद मे मिला कर छिड़काओ कर सकते है। यदि खेत में इसकी बुवाई के समय नमी की मात्रा कम है, तो हल्की सिंचाई करके खेत को बुवाई के लिए तैयार किया जाता है। इसकी बीजों की बुवाई 30 सेंटीमीटर की दूरी पर 1.5 सेमी की गहराई में की जाती है, इससे इसके बीज के अंकुरण होने में आसानी होती है। चिया सीड्स (Chia Seeds) के एक एकड़ के खेत में तक़रीबन 1 से 1.5 किलोग्राम चिया के बीजों को लगाया जा सकता है।
इन बीजों को बुवाई से पहले केप्टान या थीरम फफूंदनाशक की 2.5 ग्राम की मात्रा से एक किलोग्राम बीज को उपचारित किया जाता है, ताकि बीजों को जड़ गलन जैसे रोगों से बचाया जा सकें। चिया के बीजों (Chia Seeds) की रोपाई के लिए अक्टूबर से नवंबर का महीना सबसे उपयुक्त होता है।
चिया सीड्स की खेती के करने के लिए खेत की तैयारी (Chia Fields Preparation)
चिया सीड्स (Chia Seeds) के बीजों के अधिक उत्पादन के लिए खेत को ठीक तरह से तैयार करना जरूरी होता है। इसके लिए खेत की सबसे पहले मिट्टी पलटने वाले हल या कल्टीवेटर की मदद से 2 बार गहरी जुताई करें उसके बाद खेत में रोटोवेटर से 1 बार जुताई करके खेत की मिट्टी भुरभुरा कर देते है इसके बाद खेत में पाटा लगाकर मिट्टी को समतल करना होता है। चिया सीड्स (Chia Seeds) को रेत या खाद मे मिला कर छिड़काओ विधि से छिड़काओ करके पानी दिया सकता है।
चिया सीड्स की खेती में खाद व उवर्रक प्रबंधन (Chia Field Manure and Fertilizer)
चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती करने के लिए खेत की मिट्टी का परीक्षण करके उसमें खाद व उवर्रक को सही मात्रा में देना आवश्यक होता है। चिया सीड का अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रति एकड़ के खेत में 10 टन सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद को खेत की जुताई करते समय डालें। इसके अलावा प्रति एकड़ के खेत में 40:20:15 के अनुपात में सामान्य उवर्रक वाली N.P.K. की मात्रा का छिड़काव करें। चिया सीड्स (Chia Seeds) कि बुवाई के 30 से 60 दिन बाद नाइट्रोजन की दो बराबर मात्रा का छिड़काव सिंचाई करने के बाद इसकी खड़ी फसल पर करना होता है। चिया सीड्स की ऑर्गेनिक खेती के लिए नीम का तेल और नीम की खली की खाद सबसे उत्तम होती है।
चिया सीड्स की खेती में सिंचाई प्रबंधन (Chia Seeds Irrigation)
चिया सीड्स (Chia Seeds) की खेती करते समय पौधों को विशेष सिंचाई की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि इसका पौधा अधिक कमजोर होता है, और अधिक पानी की वजह से पौधों के टूटने का खतरा अधिक होता है। इसलिए चिया सीड्स (Chia Seeds) की फसल में जल भराव बिल्कुल भी न होने दें, तथा पहले से ही उचित जल निकासी वाली भूमि में चिया सीड्स की बुवाई करें ।
चिया सीड्स की फसल में लगने वाले रोग (Chia Crop Disease)
चिया सीड्स (Chia Seeds) की फसल में कटवा इल्ली रोग अधिक देखने को मिल जाता है। यह रोग पौधों को मिट्टी की सतह के पास से काटकर हानि पहुंचाता है, तथा पत्तियों में भी खुजलीपन होने लगता है। इस रोग की रोकथाम करने के लिए प्रति लीटर पानी में क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी दवा की 2.5 एमएल की मात्रा को मिलाकर उसका छिड़काव चिया सीड्स के पौधों पर करें।
चिया सीड्स के खेती में खरपतवार नियंत्रण (Chia Field Weed Control)
चिया सीड्स (Chia Seeds) की फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए फसल को खरपतवार से मुक्त रखना जरूरी होता है। इसके लिए इसकी बीज की बुवाई करने के 30 से 40 दिन बाद फसल की गुड़ाई की जाती है, तथा 30 दिन के अंतर में और दो गुड़ाइयों को करना जरूरी होता है। चिया सीड्स (Chia Seeds) फसल में निराई-गुड़ाई करते समय फालतू पौधों को खेत से निकाल कर अलग कर दिया जाता है।
चिया सीड्स फसल की कटाई, पैदावार और लाभ (Chia Crop Harvesting Yields and Benefits)
चिया सीड्स (Chia Seeds) के पौधे की बुवाई करने के 110 से 115 दिन बाद पककर कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इस दौरान पौधों को पूरी तरह से उखाड़ लिया जाता है, तथा 5 से 6 दिन तक पौधों को ठीक से धूप में अच्छी तरह से सूखा लेते है। इन सूखे हुए पौधों से थ्रेशर मशीन के द्वारा बीजों को निकाल कर अलग कर लिया जाता है। चिया सीड्स एक एकड़ के खेत से तक़रीबन 5 से 6 क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त हो जाता है। चिया सीड्स (Chia Seeds) के बीजों की बाज़ार में कीमत लगभग 500 सौ रुपए प्रति किलो तक की होती है, जिससे किसान भाई चिया सीड्स कि फसल से प्रति एकड़ की 2.5 से 3 लाख रुपए तक का मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं।

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